*अखण्ड ज्ञान*
श्री आर सी सिंह जी रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसरभौतिक जगत के 84 लाख योनियो के सभी असंख्य जीवों के 3 शरीर (स्थूल, सूक्ष्म व कारण) होते हैं। स्थूल शरीर यानी तन के रिश्ते जन्म के साथ ही बनते हैं और मृत्यु होने के साथ ही समाप्त भी हो जाते हैं। लेकिन मन यानि सूक्ष्म शरीर के रिश्ते मरने के बाद भी बने रहने की संभावनाएं अधिक रहती हैं। जबकि आत्मा के रिश्ते सदा ही बने रहते हैं। क्योंकि आत्मा परमात्मा का ही अंश माना गया है, इसलिए रिश्ता टूटने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। हां भोगों में लिप्त मनुष्य परमात्मा को भूल तो सकता है, जो कि आज लोगों में प्रायः देखने में आ रहा है, लेकिन फिर भी रिश्ता तो समाप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए अपने जीवन में स्थूल शरीर को 1% और आत्मा/परमात्मा को 100% महत्व देना चाहिए। यानि अध्यात्म से जुड़कर निरंतर ध्यान साधना व सत्संग करते रहना चाहिए।
*ओम् श्री आशुतोषाय नमः*
RC Singh.7897659218.