**विवेक को जागृत रखने के लिए आत्मा को जागृत करना होगा। और आत्मा का जागरण किसी ब्रह्मनिष्ठ गुरु के द्वारा ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर ही होता है।**
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। 'बिनु सत्संग न हरिकथा, तेहि बिनु मोह न भा…