Latest

Blog Archive

loading...

Read more

View all

*संसार में कोई भी काम मुश्किल नहीं है, जब आप करना चाहे। आपके अंदर आस्था और विश्वास होनी चाहिए।*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा "रामचरितमानस " में कितने चरित्र हैं-एक से एक चरित्रवान, एक से एक श…

**मानव शरीर संसार से पार होने के लिए एक सुन्दर नौका के समान है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। यह संसार नश्वर है, दुखों का घर है। चिंताओं …

कतर गए हैं पर अक्सर उड़ान से पहले, नतीजे आ चुके हैं इम्तिहान के पहले।

गोष्ठी में भागीदारी निभाने वाले साहित्यकार जन भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 816 वी काव्य गोष्ठी पूर्व पार्ष…

**इस जगत में उसी का जन्म सफल है जो संतों की संगत के साथ मिलकर प्रभु के नाम का सुमिरन करता है**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। एक राज्य का नियम था कि वहाँ एक वर्ष के लिए रा…

**वास्तव में जीवित प्राणी वही है जिसने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को जानकर उन्नति के मार्ग पर कदम रखे हों।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी।                   श्रीमद्भगवद्गीता में कहा …

**जिनके हृदय में प्रभु की भक्ति नहीं, वह जीवित होते हुए भी मुर्दे के समान ही है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। कठोपनिषद में कहा गया है - "यदि शरीर का प…

इफको द्वारा नैनो उर्वरक महत्व एवं उपयोग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पतिभाग करते प्रतिभागी आज दिनांक 03 जुलाई 2026 को सहकारिता सप्ताह 29 जून - 6 जुलाई, 2026 के…

**मनुष्य ने शरीर को तो जान लिया, परंतु जीवन को भूल गया।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। 'बड़े भाग मानुष तन पावा।सुर दुर्लभ सद्ग…

सोचता हूं

भगवान् श्रीकृष्ण पांडव पुत्र अर्जुन से कहते हैं कि हे कौंतेय!पांच ज्ञानेंद्रियां हैं–कान,आंख, रसना, नाक तथा त्वचा और इनके क्…

"जब तक गुरु मिले नहीं साचा, चाहे करो दश या करो पचासा।"

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। **तत्वज्ञान को जानकर ही मनुष्य इस जीवन में सु…

*ग्रन्थों मे लेख अनेक, संदेश एक!*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा पलटू साहिब एक पूर्ण संत हुए। अयोध्या के समीप नंगजलालपुर नामक गांव में उन…

**सच्चा ज्ञान वही है जो हमारे सभी धार्मिक ग्रंथ, वेद, शास्त्रों में बताया गया है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। आज जगत में अनेक भ्रांतियां फैली हुई है। कोई क…

*जब तक जीवन का घड़ी घंटा नहीं बजाती, तब तक तू भीतर की घटा सुन*!

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा अरे क्या तू यह बाहरी घड़ी को घुर रहा है? तेरी जीवन की घड़ी की सुइयां तो आ…

**जीव कर्म से बँधता है और ज्ञान से मुक्त होता है। मुक्ति का उपाय केवल ज्ञान है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। विवेक चूड़ामणि में आदि शंकराचार्य जी कहते ह…

अश्क से छिलते नयन है, शब्द ढकते आह के , हम गिरे पत्ते है,बिन पतझड़, किसी के राह के !

गोष्ठी में शामिल साहित्यकार जन भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 815 वी काव्य गोष्ठी प्रबंधक  डा.सत्य न…

बाराबंकी कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, पल्हरी में समस्त कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पल्हरी में समस्त कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम   आज दिनांक 29 जून 2026 को जनपद बाराबंकी उप कृषि निदेशक (शोध) संभ…

सोचता हूं

कुरुक्षेत्र के युद्ध क्षेत्र में जब मोह ग्रस्त पांडव अर्जुन निश्चित श्रेय के लिए शिक्षा हेतु शरणागत हुए तब  हंसते हुए से…

**जहाँ पर ज्ञान है, वहीं धर्म है। धर्म को हम शब्दों के द्वारा नहीं समझ सकते।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। 'धरमु न दूसर सत्य समाना, आगम निगम पुरान ब…

**धर्म का प्रारंभ अनुभव से होता है, जब हम ईश्वरीय सत्ता की झलक अपने में ही पा लेते हैं।**

सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। जिस आचरण का पालन करने से जीवन में उन्नति होत…

*ईश्वर हमारे हृदय में निवास करता है, ईश्वर को बाहर नहीं अपने अंतर्घट में जानना होगा।*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा अहम् प्रश्न यह है कि आज मनुष्य भक्ति तो खूब कर रहा है परंतु फिर भी दुखी…

Load More
That is All

Videos

Recent

News