**कर्मकांडों, नाम जपन, जप तप आदि अधूरी पद्धतियों को छोड़कर पूर्ण गुरु द्वारा ब्रह्मज्ञान की दीक्षा लें और ईश्वर का दर्शन करें।**
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। हमारी यह सोच है कि जहाँ हमने अपना समय या ध…