सोचता हूं ।
आत्मा को अजन्मा, नित्य और पुरातन बताते हुए श्री कृष्ण अपने परमसखा अर्जुन से कहते हैं कि अर्जुन! जिस तरह मनुष्य पुराने वस्त…
आत्मा को अजन्मा, नित्य और पुरातन बताते हुए श्री कृष्ण अपने परमसखा अर्जुन से कहते हैं कि अर्जुन! जिस तरह मनुष्य पुराने वस्त…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। सुख एवं दुख मनुष्य की आन्तरिक अवस्था है। अर…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा इस पृथ्वी पर मात्र बरगढ़ एक ऐसा वृक्ष है, जो सूर्य के प्रकाश में सबसे अध…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। शास्त्रों में सामान्यतः संसार में मिलने वाले…
नवागत शाखा प्रबंधक शाकिब सुहैल बाराबंकी। जनपद बाराबंकी के मिश्रा मार्केट स्थित बैंक आफ इंडिया के तेजतर…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। आज हम देखते हैं कि अनेक स्थानों पर धार्मिक …
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा "रामचरितमानस " में कितने चरित्र हैं-एक से एक चरित्रवान, एक से एक श…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। यह संसार नश्वर है, दुखों का घर है। चिंताओं …
गोष्ठी में भागीदारी निभाने वाले साहित्यकार जन भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 816 वी काव्य गोष्ठी पूर्व पार्ष…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। एक राज्य का नियम था कि वहाँ एक वर्ष के लिए रा…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। श्रीमद्भगवद्गीता में कहा …
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। कठोपनिषद में कहा गया है - "यदि शरीर का प…
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पतिभाग करते प्रतिभागी आज दिनांक 03 जुलाई 2026 को सहकारिता सप्ताह 29 जून - 6 जुलाई, 2026 के…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। 'बड़े भाग मानुष तन पावा।सुर दुर्लभ सद्ग…
भगवान् श्रीकृष्ण पांडव पुत्र अर्जुन से कहते हैं कि हे कौंतेय!पांच ज्ञानेंद्रियां हैं–कान,आंख, रसना, नाक तथा त्वचा और इनके क्…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। **तत्वज्ञान को जानकर ही मनुष्य इस जीवन में सु…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा पलटू साहिब एक पूर्ण संत हुए। अयोध्या के समीप नंगजलालपुर नामक गांव में उन…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। आज जगत में अनेक भ्रांतियां फैली हुई है। कोई क…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा अरे क्या तू यह बाहरी घड़ी को घुर रहा है? तेरी जीवन की घड़ी की सुइयां तो आ…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। विवेक चूड़ामणि में आदि शंकराचार्य जी कहते ह…
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