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**बोध कथा**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। पुराने जमाने में एक शहर में दो ब्राह्मण पुत…

*मन को ही मंदिर बना लो*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा ईश्वर को ढूंढने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। लोग मंदिर-मस्जिद, …

केंद्र सरकार रूखे व्यवहार से पेंशनर शंघ गंभीर चिता में। *नरसिंह प्रसाद सिंह*

पेंशनर्स एसोसिएशन संघ की बैठक           को संबोधित करते हुए नरसिंह प्रसाद सिंह।  गोरखपुर, आज दिनांक 9 अक्टूब…

**भगवान की ब्रह्मशक्ति निर्गुण निराकार रूप में सर्वव्यापी है। जबकि सगुण निराकार परमात्मा के रूप में वो हमारे आपके व अन्य सभी जीवों के अंदर भी हैं।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। प्रकृति के सभी जीवों का प्रथम लक्ष्य अपने स्थ…

दो नारी शक्तियों के जन्मदिन पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन।

रक्त दान करते धर्मेश्वर योगी                     कार्यक्रम की कुछ अन्य झलकियां ओम फिटनेस योग संस्थान ए…

**सद्गुरु की शरणागति को पाकर ही हम बंधन से मुक्त हो सकते हैं।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। हम एक जड़ वस्तु के समान जीवन जी रहे हैं, जो ख…

**राम राज्य वास्तव में हम सबके प्रेम, त्याग, समर्पण और बलिदान से ही आ सकता है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उ…

*सब पर बराबर दया*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा भगवान कहते हैं - *अखिल बिस्व यह मोर उपाया। सब पर मोहि बराबरि दाया॥* यह …

*आप कैसा कर्म करते हैं?*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा  वर्षा *श्रीमद्भगवद् गीता - अध्याय 18, श्लोक 23,24,25* गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने 3 …

**अधिकांश लोग धर्म की बातें पढ़ते हैं, सुनते हैं और पसंद भी करते हैं। लेकिन मन से मानते नहीं, तो व्यवहार में लाना और संस्कारों का बनना दूर की बात है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। मनुष्य योनि में किया गया प्रत्येक कर्म उसी …

साहित्यिक आयोजनों से सामाजिक वातावरण सशक्त व मजबूत होता है। श्री पुष्प दंत जैन ,दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ।

श्री पुष्प दंत जैन जी पुस्तक का विमोचन करते हुए भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर द्वारा "साहित्य महोत्सव 26&…

वस्तु- शक्ति: न श्रद्धामपेक्षते।

किसी वस्तु की शक्ति (गुण, धर्म आदि) किसी श्रद्धा (आदर, जानकारी आदि)की अपेक्षा (चाह आदि) नहीं करती। जैसे जोअग्नि जिस लकड़ी …

**सभी आत्माएं चेतन है और भगवान परम चेतन हैं। चेतन आत्मा अपने अंशी भगवान को पाकर ही आनंदित होती है। यह एक अटल सिद्धांत है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भौतिक प्रकृति की 84 लाख योनियो में असंख्य जीव…

**हम सभी मनुष्य अपने जीवन में जिस गुण का जितना जितना संग करते हैं, उस गुण का प्रभाव उतना उतना हमारे जीवन में सहज ही पड़ता जाता है।*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भौतिक प्रकृति के 84 लाख योनियो में असंख्य जी…

**भगवान आपके द्वारा उठाए जाने वाले बोझ से कहीं अधिक विशाल हैं। अपने बोझ को भगवान के चरणों में डाल दें।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। हम भौतिक जगत में अंधाधुंध चले जा रहे हैं। ह…

*वह एकाक्षरी मंत्र क्या है, जिसे खुद पार्वती जी ने शिव जी से पूछा था?*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा   पुराणों में कथा आती है - एक बार देवी पार्वती भगवान शिव से जिज्ञासा कर…

**हम मनुष्यों द्वारा किए गए सभी अच्छे कार्य हमें परमात्मा के नजदीक ले जाते हैं और सभी बुरे काम हमें परमात्मा से दूर कर देते हैं।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। 84 लाख योनियों में मनुष्य योनि पाकर ही जीव पर…

**ईश्वर के साम्राज्य में प्रवेश पाने की पहली और आखिरी कुंजी है- सद्गुरु।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। गुरु धारण करने के सम्बंध में अनेकानेक धारणा…

**84 लाख योनियों में केवल मनुष्य योनि में ही अपनी अज्ञानता समाप्त की जा सकती है। क्योंकि अज्ञानता ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भगवान एक ही हैं और सभी जीवों के हैं। सभी जी…

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