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*पर्यावरण- हमारा जीवन*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा  पर्यावरण वो नहीं जो हमारे चारों ओर है, पर्यावरण वो है जो हमारे भीतर बसता ह…

**जिसके पास ज्ञानचक्षु (दिव्य दृष्टि) नहीं, वह परब्रह्म को उसी प्रकार नहीं देख सकता, जैसे कोई अंधा व्यक्ति प्रकाशवान सूर्य को।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। ये आंखे सबसे पहले हमें संसार की चकाचौंध दिख…

सोचता हूं ।

भगवान् श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा -हे धनंजय! जो भक्त मुझे जिस तरह भजता है,मैं भी उनको उसी तरह भजता हूं। इस मनुष्य लोक में …

**पूर्ण गुरु की शरण में जाए बिना, मनुष्य कभी सार्थक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकता।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। समस्त धार्मिक ग्रंथों एवं महापुरुषों का उद्घो…

**ब्रह्मज्ञानी साधक की साधना का लक्ष्य चेतना को सहस्रदल कमल तक पहुंचाकर अपने साध्य से एकाकार होना है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। योगशास्त्र के अनुसार हमारे शरीर में आठ चक्र…

*दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के ‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ दो वर्ष का समझौता**नशा मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति**

साध्वी शिताभा भारती,और श्री सुधांश पंत, IAS, सचिव, समझौते पर हस्ताक्षर करती हुईं बैठक में प्रतिभाग करती हुई शिताभा भारती एवं…

**आनंदधाम पहुँचने का मार्ग ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना से होकर गुजरता है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। हर बच्चे का पसंदीदा खेल है- साँप सीढ़ी। केवल…

**ब्रह्म पर ध्यान एकाग्र करने पर हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा व ईश्वरीय शक्ति का संचार होता है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। अध्यात्म ज्ञान। ब्रह्मज्ञान! ईश्वर का प्रत्…

**सद्गुरु के दरबार में की गई सेवा कोई काम या मजदूरी नहीं होती, बल्कि अपने कर्मों को काटने का साधन होती है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। सदगुरु की सेवा वह अमृत है, जो विकारों से वि…

सोचता हूं ।

भ भगवान्  श्रीकृष्ण ने समझाते हुए कहा कि भारत! तेरे और मेरे इस जन्म से पहले अनेक जन्म हो चुके हैं लेकिन जिन्हें तू नही…

**अध्यात्म/तत्वज्ञान का संबल राजनीति व राजनीतिज्ञों के साथ जुड़ना चाहिए।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भरत को जब परिस्थिति वश अयोध्या का राज्य मिल…

**मानव जन्म लेना कठिन नहीं है, मानव बनना कठिन है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। हमारे अंतर्जगत में राम भी हैं और रावण भी है…

*आशा को जिंदा रखें*

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। HOPE need not mean EXPECTANCY -- जरूरी नहीं…

सोचता हूं ।

पांडव अर्जुन ने अपने परममित्र और रथ सारथि भगवान् श्रीकृष्ण से पूछा कि भगवन्! कभी- कभी मनुष्य न चाहते हुए भी गलत काम अथवा प…

**कृष्ण द्वारा आत्मज्ञान की दीक्षा मिलने के बाद अर्जुन का मोह भंग हुआ और अपनी प्रकाश स्वरूप आत्मा का साक्षात्कार किया।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। आत्मज्ञान या ब्रह्मज्ञान एक ऐसा आध्यात्मिक …

**जब हम भीतर से गुरु भगवान से जुड़ जाते हैं, तो फिर किसी बाहरी कनेक्शन की जरूरत नहीं रहती।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। दिव्य गुरुदेव से मिलकर हम सबकी खोज पूरी हो …

श्री कृष्ण जन्म अष्टमी विशेष: आज जन्मदिन है तुम्हारा, एक अरदास है मेरे मन की। जहां अंधेरा हो सबसे गहरा, वहां उजाला बन कर आ जाना।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 820वीं काव्य गोष्ठी संस्था संरक्षक श्री अरविंद शर्…

**यदि कोई व्यक्ति उच्च श्रेणी का वक्ता है, पर आध्यात्मिक अनुभव देने में शून्य है, तो उसका अनुसरण नहीं करना चाहिए।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। यदि किसी व्यक्ति का मत है कि ईश्वर का दर्शन…

**ईश्वर के साम्राज्य में तर्क, बुद्धि, शाब्दिक ज्ञान का कोई लाभ नहीं है। परमात्मा को मात्र साक्षात्कार द्वारा ही जाना जा सकता है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। आध्यात्मिक जिज्ञासु जितना अधिक तर्कों व व्य…

**जीवन का हर पड़ाव हमें आध्यात्मिक इशारे देकर कुछ सिखलाने का प्रयास करता है।**

सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। कभी कभी बच्चों की कविताएं हमें सुखद जीवन जीन…

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