**84 लाख योनियों में केवल मनुष्य योनि में ही अपनी अज्ञानता समाप्त की जा सकती है। क्योंकि अज्ञानता ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण है।**
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन,अनमोल वचन प्रस्तुतीकरण श्री आर सी सिंग जी। भगवान एक ही हैं और सभी जीवों के हैं। सभी जी…