सोचता हूं
भगवान् श्रीकृष्ण पांडव पुत्र अर्जुन से कहते हैं कि हे कौंतेय!पांच ज्ञानेंद्रियां हैं–कान,आंख, रसना, नाक तथा त्वचा और इनके क्…
भगवान् श्रीकृष्ण पांडव पुत्र अर्जुन से कहते हैं कि हे कौंतेय!पांच ज्ञानेंद्रियां हैं–कान,आंख, रसना, नाक तथा त्वचा और इनके क्…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। **तत्वज्ञान को जानकर ही मनुष्य इस जीवन में सु…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा पलटू साहिब एक पूर्ण संत हुए। अयोध्या के समीप नंगजलालपुर नामक गांव में उन…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। आज जगत में अनेक भ्रांतियां फैली हुई है। कोई क…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा अरे क्या तू यह बाहरी घड़ी को घुर रहा है? तेरी जीवन की घड़ी की सुइयां तो आ…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। विवेक चूड़ामणि में आदि शंकराचार्य जी कहते ह…
गोष्ठी में शामिल साहित्यकार जन भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 815 वी काव्य गोष्ठी प्रबंधक डा.सत्य न…
पल्हरी में समस्त कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आज दिनांक 29 जून 2026 को जनपद बाराबंकी उप कृषि निदेशक (शोध) संभ…
कुरुक्षेत्र के युद्ध क्षेत्र में जब मोह ग्रस्त पांडव अर्जुन निश्चित श्रेय के लिए शिक्षा हेतु शरणागत हुए तब हंसते हुए से…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। 'धरमु न दूसर सत्य समाना, आगम निगम पुरान ब…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। जिस आचरण का पालन करने से जीवन में उन्नति होत…
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा अहम् प्रश्न यह है कि आज मनुष्य भक्ति तो खूब कर रहा है परंतु फिर भी दुखी…
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। मनुष्य को यह तन प्रभु प्राप्ति के लिए मिला …
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं- *ईश्वर: सर्वभूतनां हृद्देशेऽर्जुन तिष…
श्रीमद्भगवत गीता में पांडव पुत्र अर्जुन भगवान् श्रीकृष्ण से कहते हैं कि हे माधव! इस कौरव-पांडव युद्ध में हम यह नहीं जानते …
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। यह अटल नियम है कि जब भी मानव के भीतर प्रभु …
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा जिस प्रकार से मिल्की -वे गैलेक्सी का केंद्र 'गैलेक्टिक केंद्र' है। …
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। महापुरुष कहते हैं कि जब हम संसार में आए थे …
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। अक्सर लोग अपनी जीवन गाड़ी मनोबल से ही चलाते …
सर्व श्री आशुतोष महाराजजी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी। संसार में आते ही इंसान को काम, क्रोध, लोभ, …
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