*भारतीय नव वर्ष का महत्व*

          सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा


क्या आप जानते हैं कि भारत का असली नव वर्ष 1 जनवरी को नहीं , बल्कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है?

यही दिन है जब विक्रम संवत का आरंभ माना जाता है।

मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि की रचना का प्रारंभ हुआ था।

प्राकृतिक भी इस समय नए जीवन का संदेश देती है-

पेड़ों पर नये कोंपलें, खेतों में हरियाली, पक्षी में कोयल की सुरीली आवाज और मौसम की नई ऊर्जा।

आयुर्वेद के अनुसार यह समय शरीर और मन के संतुलन के लिए सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि ऋतु परिवर्तन से शरीर नई ऊर्जा को ग्रहण करता है।

इसी दिन कई पर्व भी मनाए जाते हैं- गुड़ी पड़वा, उगादि, नवरेह और चेतीचंड । इसीलिए भारतीय नव वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं

बल्कि संस्कृति प्राकृतिक और नई शुरुआत का उत्सव है। मेरा पूरे भारतवासियों से आग्रह है। आप अपनी भारतीय नव वर्ष को खुशी और उल्लास के साथ मनाये , बधाइयां दें ।अपने बच्चों और परिवार को भारतीय नव वर्ष से अवगत कराए ।            तो आइए, इस भारतीय नव वर्ष पर हम संकल्प लें- नई विचार,नए ऊर्जा नए उत्साह के साथ जीवन आगे बढ़ाने का।

*आप सबको भारतीय नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं*

ॐ श्रीं आशुतोषाय नमः 

श्री सियाबिहारी जी ✍️

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