*उत्साह*

          सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा

उत्साह हमारी जिंदगी को एक नई रूपरेखा प्रदान करता है। किसी ने उत्साह भरे जीवन और उत्साहहिन जिंदगी की तुलना करते हुए कहा-उत्साहपूर्ण जीवन रंगीन अर्थात मुस्कुराते रंगों से भरे दृश्य जैसा है। और उत्साहहीनता ब्लैक एंड व्हाइट पिक्चर देखने जैसा! और उत्साह -विहीन जीवन नीरस, थकने वाले बेसुरे संगीत की मानिंद! 

परंतु यहां एक अहम प्रश्न उठता है कि जिस उत्साह से हमें इतने लाभ मिल सकते हैं, आखिर उस उत्साह को पैदा कैसे करें? उत्तर बहुत आसान है। अंग्रेजी भाषा में उत्साह को enthusiasm कहते हैं। और 'enthusiasm' शब्द  ग्रीक के शब्द 'enthusiasmos' से निकला है, जिसका अर्थ होता है-ईश्वरीये प्रेरणा! इसकी मुख्तयत: 'entheos' विशेषण से उत्पत्ति हुई है, जिसका मतलब होता है- 'भीतर में ईश्वर प्राप्ति'! इससे हमें अपने सवाल का जवाब मिल जाता है कि हम अपने अंदर असली उत्साह को जन्म देने के लिए भीतर मौजूद  ईश्वरीय सत्ता से परिचय होना जरूरी है। जब हम ब्रह्मज्ञान द्वारा उस  दिव्य ईश्वर से संपर्क बना लेते हैं, तब हम सबसे कीमती रत्न को हासिल कर जाते हैं, जिसका नाम है- उत्साह!

ॐ श्री आशुतोषाय नमः 

श्री सियाबिहारी जी ✍️

Post a Comment

Previous Post Next Post