**किलर टी .वी.*

        सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा

ऐसा वैज्ञानिक प्रमाणित कर चुके हैं शोध बताते हैं कि हिंसक या डरावने सीरियल देखने से गर्भ में पलने वाले शिशु की प्रतिरक्षण - प्रणाली कमजोर होती है। उसके बौद्धिक स्तर में भी गिरावट आती है। 

इस प्रकार यदि उल्लेख किया जाए, तो उदाहरण अनेक है। सैकड़ो शोध, अनुसंधान किए जा चुके हैं जो टी .वी .से होने वाली हानियां का खुलासा करते हैं; उन्हें स्पष्ट रूप से प्रमाणित करते हैं। 

  समस्या निसंदेह गंभीर है। इसलिए समाधान भी चाहिए। लेकिन समाधान क्या है? आप कहेंगे कि टी.वी .तो बंद नहीं किया जा सकता। चलिए, ठीक है। परंतु उसकी विषय- वस्तु को मर्यादित और समय को सीमित किया जा सकता है। यहां पर मीडिया का दायित्व है कि प्रसारण माध्यमों द्वारा परोसी जाने वाली विषय वस्तु को हर तरीके से जांचकर, फरखकर, संतुलित करके घरों तक पहुंचाया जाए। लेकिन इतना ही काफी नहीं है। देश के सेंसर बोर्ड के साथ घर के सेंसर बोर्ड के सदस्यो(यानी अभिभावकों) को भी ठोस कदम उठाने होंगे। अपने मन के फेवरेट सीरियल, गाने और फिल्म देखते वक्त है बच्चों के मन में कूड़ा भरने की तैयारी न करें। वैसे तो स्वयं भी इन छिछले मनोरंजन के साधनों से परहेज करें। ब्रह्मज्ञान की साधना द्वारा अपने अंदर के जगत में उतरकर असली मनोरंजन का आनंद लें। साथी ही अपने बच्चों को भी अंदर(अंतर्जगत) के टी .वी.(जो हर प्रकार से लाभदायक है) उसकी आदत डालें। अतः समस्या का समाधान हमें , आपको, मीडिया को-सबका अपना दायित्व समझना होगा और विवेक से अपनी-अपनी भूमिका निभानी होगी। मन को ज्ञान के द्वारा अनुशासन में बांधना होगा और शुभ व शुद्ध विचारों से पोषित करना होगा। 

ॐ श्री आशुतोषाय नमः 

श्री सियाबिहारी जी ✍️

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