सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा
कभी आपने सोचा है दिन भर आपके छोटे बच्चे खेलते-कुदते रहने के बावजूद आपसे ज्यादा ऊर्जायित कैसे रहते हैं? इसका रहस्य नाभि में निहित है। दरअसल , बच्चे सांस लेते हुए एब्डोमिनल ब्रीदिंग (उधर श्वासन) की प्रक्रिया अपनाते हैं। सांस भरते हुए पेट फूलना और सांस छोड़ते हुए पेट अंदर की ओर जाना एब्डोमिनल ब्रीदिंग कहलाता है। इससे शरीर में आसानी से ऑक्सीजन पूर्ति होती है।
जब हम बड़े हो जाते हैं, हम यह प्रक्रिया भूल जाते हैं। सांस लेते हुए ज्यादातर लोगों के पेट के बजाय छाती फूलती और सिकुड़ती है। यह सांस लेने का गलत तरीका है। इसलिए हमें थकान, सर दर्द की समस्या घेरे रहती है। इसलिए हमें हमेशा ऊर्जायित रहना है तो नाभि से सांस ले।
कहा जाता है की एक साधे हुए गायक का स्वर गले से नहीं, नाभि से निकलता है। श्वास नाभि से लेने पर ऊंचा स्वर लगाना सहज हो जाता है। नाभि द्वारा भरी श्वास देर से छुटती है। इसलिए अच्छा गायन करना है और हमेसा ऊर्जायित रहना है, तो एब्डोमिनल ब्रीदिंग अपनाएं।
ॐ श्रीं आशुतोषाय नमः
श्री सियाबिहारी जी ✍️
