सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का चिंतन(अनमोल वचन) प्रस्तुतिकरण श्री आर सी सिंह जी।
श्री आर सी सिंह जीब्रह्मांड की ईश्वरीय शक्ति धरती पर प्रकृति को संतुलित रूप से चलाने के लिए उतरती है। लेकिन कभी-कभी यह शक्तियां धरती के आभामंडल की ऊर्जा तरंगों को ऊपर उठाने के लिए उतरती है। इनका मुख्य कारण हमारी चेतना को जागृत करना है। यह शक्तियां एक प्रकाश पुंज की तरह पृथ्वी में प्रवेश करती है। यह विशेष प्रकार की तरंगे होती हैं, इनमें प्रभु का अनहद नाद और ज्योति होती है, जो पृथ्वी पर हमारा जीवन प्रकाशमय करने के लिए आती हैं। यह हमारी परम चेतना को जागृत करने आती है। यह सब ईश्वर की कृपा का ही फल है। हमारा जीवन जो माया के जाल में फंस कर दूषित हो गया है उस को पवित्र करने के लिए आती हैं। यह सब ईश्वर इसलिए करते हैं ताकि हम सब अपनी बाकी की यात्रा, ईश्वशमयी चेतना में जागृत होकर कर सकें।
एक बात और जब जब प्रभु की कृपा होती है, तब तब हमारे जीवन को ईश्वशमयी दिशा देने के लिए अवतार लेते हैं। यह अवतार भी ईश्वर की शक्ति से प्रकाश पुंज के रूप में जागृत होते हैं। यह प्रकाश पुंज इंसान के रूप में अवतरित होकर हमारा जीवन जागृत करते हैं। ये अवतार, इस दिव्य धरती पर जो विषय और विकार जमा हो गए हैं , उसको नष्ट करने के लिए होते हैं।
*ओम् श्री आशुतोषाय नम:*
"श्री रमेश जी"
