श्री मद्भागवत महापुराण में श्री शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुनाया –राजन्!
श्री मैत्रेय जी नेश्रीविदुरजीसे कहा –हे
विदुर जी! भगवान् की शक्ति से सम्पन्न ब्रह्मा जी ने सृष्टि केलिए संकल्प किया
और दस मानस पुत्र उत्पन्न किए। उन दस
पुत्रों से संसार की बहुत वृद्धि हुई।ए दस
मानस पुत्र हैं –
१-मरीचि
२-अत्रि
३-अंगिरा
४-पुलस्त्य
५-पुलह
६-क्रतु
७-भृगु
८-वसिष्ठ
९-दक्ष
१०-नारद
(स्कंध३, अध्याय १२,श्लोक२१-२२)
प्रस्तुतकर्ता
डां०हनुमानप्रसादचौबे
गोरखपुर।
