कवि गोष्ठी में पधारे साहित्यकार बंधु
नगर -ग्रामोत्थान प्रतिष्ठान, गोरखपुर के तत्त्वावधान में संस्था के प्रधान कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम“काव्य गोष्ठी”सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का श्रीगणेश डां०हनुमान प्रसाद चौबे ‘मीत’की मां सरस्वती--वंदना से हुआ –
मां कृपा कर’मीत’पर सहज वाणी सत्य कर।
परहित लीन मन सदा यह दे अब विमल वर।।
आचार्य ओम प्रकाश पांडेय की भोजपुरी शिक्षा प्रद रचना यों रही–
भोजन विद्या करत के ग्रहण
बबुआ सुनि लइ जेहि गइल लजाई।
ध्यान धर इ जिनगिय भर ऊ
रहि रहि हथवा मइलि के पछताई।।
वरिष्ठ भोजपुरी फनकार कौशल चंद्र उपाध्याय ने भीषण शीत लहर से चेताया –
आइल आइल महीना जडकाला कआइल। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए युवा कवि ओम कुमार जायसवाल ने एक पिता का महत्व दर्शाती सशक्त रचना प्रस्तुत की–
पिता जीवन है,इक संबल और शक्ति है।
पिता अंगुली पकड़े बच्चों का सहारा है।।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इन्दु प्रकाश चौबे ने वर्तमान कालीन शिक्षक की चिंतनीय दशा का सजीव चित्रण यों
प्रस्तुत किया–
शिक्षक हूं इसवतनका,संग्रामकररहाहूं।
शिक्षण को छोड़ करके हर काम कर रहा हूं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष जाने माने वरिष्ठ भोजपुरी फनकार रामसमुझसांवरा ने आज के समय की बेटियों का विकास इस तरह रेखांकित किया –
आज अपने दम पे
आगे बढ़ रही हैं बेटियां ।
खेल के मैदान से स्वर्ण ला रही हैं बेटियां।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन कर्ता डां०
चौबे ने सभी आगंतुकों का हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम को समाप्त किया।
आयोजन कर्ता
डां०हनुमान प्रसाद चौबे न०ग्रा०प्रतिष्ठान गोरखपुर
