*यात्रा छोटी है*

     सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा वर्षा.

यात्रा बहुत छोटी है। पता ही नहीं चलता कब सुबह से शाम को जाती है, और कब बचपन से बुढ़ापा आ जाता है।

इसलिए हर पल को प्रेम से जीना सीखिए। क्योंकि जो समय आज हमारे पास है, वही सबसे बड़ा धन है। पता नहीं कब किसका अगला स्टॉपेज आ जाए और जीवन रूपी गाड़ी से उतरना पड़ जाए। 

न किसी से घृणा रखें,

न किसी से मन में बैर रखें,

रिश्ते हमारी सबसे बड़ी पूंजी होते है।

मुस्कुराइए ,दूसरों को भी मुस्कुराने दीजिए,

किसी को मदद कीजिए,

और हर दिन को ईश्वर का प्रसाद समझ कर जीइए।

क्योंकि सच यही है-

जीवन की यात्रा छोटी है।

पर अगर जीवन में पूर्ण गुरु से मिलन हो जाए, और ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति हो जाए, दिव्य नेत्र खुल जाए, ईश्वर का दर्शन हो जाए ,तो जीवन आनंदमय हो जाता है। क्योंकि ब्रह्मज्ञान से मनुष्य के अंदर प्रेम और सद्भाव का जागरण सुलभ हो जाता है। तो यही छोटी यात्रा सुंदर बन जाती है। 

                          ॐ श्रीं आशुतोषाय नमः 

                            श्री सियाबिहारी जी ✍️

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