ब्रह्मज्ञान प्रदाता सर्व श्री
आशुतोष महाराज जी
गुरू महाराज जी का दर्शन करके लौट रहा हूं,और आम्रपाली बैठ कर आराम कर रहा हूं,लेकिन इस यात्रा के पीछे गुरू महाराज जी का साक्षात चमत्कार बताता हूं। इस यात्रा के साथ शैतान अपना काम कर रहा था ताकि हम लोग अपनी यात्रा पूर्ण न कर सके,नूरमहल से गाड़ी 6.50AM लुधियाना के लिए चली नूरमहल से लुधियाना की दूरी लगभग 35 कि मीटर है इस ट्रेन का लुधियाना का पहुंच टाइम 8.20 AM है ,किंतु यह गाड़ी बिलगा स्टेशन पर खड़ी हो गई काफी देर खड़ी रहने के उपरांत जब पता लगाया गया तो पता चला कि गाड़ी अभी नहीं जा पाएगी तार टूट गया है सारे पैसेंजर रेलवे स्टेशन की लाइन पकड़ कर जा रहे थे स्टेशन पर कुछ लोगों ने कहा कि आप भी चले जाइए करीब 2 किलो मीटर होगा ढाला पार करके टेंपो मिलेगा उसी से लुधियाना चले जाइए,हम काफी आगे बढ़ गए थे हमारे पीछे गोविंद शरण गुप्ता जी थे हम लोग अपने समान कभी सर पर रखते कभी हाथ में लटकते हुए हांफते जा रहे थे,परंतु महाराज जी ने शैतान की राह काटते हुए अपना कार्य शुरू किया अनिल शर्मा जो पीछे रह गए थे से P WI ने कहा कि पांच मिनट में ट्रेन चलेगी यह लोग जो कुछ दूरी चले थे हम लोगों को आवाज आवाज लगाया और जल्दी जल्दी भाग कर ट्रेन पकड़ लिए गोविंद जी चलती ट्रेन में घुश गए मै दूर निकल गया था प्लेट फॉर्म से 100 मीटर दूर था ट्रेन चल चुकी थी महाराज जी की कृपा देखिए ड्राइवर साहब ने हमारे पास ट्रेन रोक दिया,और हम भी अनिल शर्मा की मदद से ट्रेन में इंट्री पालिए,जरा विचार करें यदि इस गाड़ी में न प्रवेश कर प्यार होता तो मैं अकेला कहां जात ? यहां भी महाराज जी की करुणा दया ही काम आई,किंतु आज का दिन शैतान का था वह फिर हावी हो गया था,महाराज जी की कृपा से एक आदमी ने कहा कि आप फिल्लौर में ही उतर जाए यहां ट्रेन पकड़ लीजिएगा लेकिन शैतान हावी था हम लोगों की मति मारी गई हम लोगों ने उनका ध्यान नहीं दिया,शैतान काम कर रहा था, हमारी पैसेंजर ट्रेन लुधियाना से एक स्टेशन पहले लोधवाल स्टेशन पर आकर ऐसे ठहर गई कि जैसे उस पर पत्थर पड़ गया हो जाने का नाम ही नहीं ले रही थी और करीब दस गाड़ियां पूर्व पश्चिम से क्रास करने के बाद रवाना हुई इसमें हमारी गाड़ी भी क्रास हो गई आप जान सकते है कि हमारी गाड़ी जिसमें डेढ़ महीने पूर्व ए सी कोच में आरक्षण कराया था,आप यह सोच सकते है हमारी क्या दशा रही होगी हम लोग सिर्फ़ महाराज जी के सुमिरन में लग गए ,यही से महाराज जी की कृपा हुई और आम्रपाली एक्सप्रेस आउटर सिग्नल पर खड़ी हो गई, उसके बाद वहां से लुधियाना स्टेशन पर आई, वहां भी दस मिनट के स्थान पर 13 मिनट खड़ी रही,पीछे से हमारी पैसेंजर ट्रेन प्लेट फॉर्म नंबर 6 पर रुकी जो 3 नबर पर खड़ी आम्रपाली ए सी कोच के समाने ही लगा थी ,अनिल शर्मा,सुनील कुमार शर्मा और हम ने फुर्ती दिखाते लाइन और प्लेटफार्म क्रास करते हुए आम्रपाली ट्रेन में इंट्री कर ली इसी हड़बड़ी में मेरा छोटा झोला छूट रहा था महाराज जी की करुणा दया से एक बंदा वह भी दौड़ उसे लाकर हमे दे दिया और जब हम लोग ट्रेन में इंट्री किए तो एक मिनट बाद ट्रेन रवाना हो गई।
इस प्रकार महाराज जी ने शैतान से बचाते हुए सुक्ष्म रूप में स्वयं खड़े हो कर हम लोगों की रक्षा ही नहीं किया बल्कि सही सलामत ट्रेन छूटने से बचाए।यह आर्टिकल हम ट्रेन से लिख रहे है अब कल सही सलामत गोरखपुर पहुंचूंगा,महाराज जी करुणा दया अपरंपार है।
सर्व श्री आशुतोष भगवान की जय,
रवि प्रकाश त्रिपाठी,(ट्रेन से)
पानीपत हरियाणा दिनांक
29/05/2026
