चेहरा-चेहरा फरियादी है, कहने भर को आजादी है। तुम कितना भी जोर लगालों, शहर गुलामी का आदी हैं।

 

              कवि गोष्ठी में पधारे साहित्यकार जन

भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 819वी काव्य गोष्ठी वरिष्ठ कवयित्री डॉ.उषा कुमार जी के कृति कल्चरल संस्थान, बैंक रोड,गोरखपुर के सभागार में सम्पन्न हुई। यह जानकारी भागीरथी संस्था के अध्यक्ष सत्य नारायण पथिक ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता  अन्तर्राष्ट्रीय वरिष्ठ शायर सर्वत जमाल साहब ने की। संचालन किया डा.सत्य नारायण 'पथिक'ने।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ वरिष्ठ गीतकार भाई अवधेश शर्मा 'नंद'जी द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से हुई।

तत्पश्चात वरिष्ठ शायर मजाज़ गोरखपुरी ने सरकार द्वारा चलायें जा रहें वृक्षारोपण पर तंज करते हुए शेर पढ़ा -

धरती खाली खाली है ,

बंगलो में हरियाली है।

वरिष्ठ कवयित्री डॉ.उषा कुमार जी ने क्षणिकाएं प्रस्तुत की ,एक क्षणिका देखे -

मन हरा है/तन भरा है 

फिर भी/जीवन कटघरा है?

वरिष्ठ गीतकार भाई प्रमोद चोखानी जी ने हौसले की बात इन पंक्तियों में की -

मैं अकेला हूं , मगर उदास नहीं,

हौसले जिंदा है,मैं निराश नहीं।

अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर भाई सर्वत जमाल साहब ने सभी कवियों की तारीफ की और अपनी बात रखने के बाद ग़ज़ल पढ़ी,के कुछ शेर यूं है --

चेहरा-चेहरा फरियादी है,

कहने भर को आजादी है।

तुम कितना भी जोर लगालों,

शहर गुलामी का आदी हैं।

अन्य जिन रचनाकारों ने काव्य पाठ किया उनके नाम है - सुश्री प्रगति गुप्ता एवं सर्वश्री महमूद भाई,राम समुझ 'सांवरा' , कृष्णा श्रीवास्तव (हाटा) ,राम सुधार सिंह सैथवार, सुधीर श्रीवास्तव 'नीरज' , कुन्दन वर्मा 'पूरब',डा.सत्य नारायण 'पथिक', अरविन्द 'अकेला', अवधेश शर्मा 'नंद' , विनय मितवा, दीदार बस्तवी,सुम्बुल हाशमी, कुमार अभिनीत,डाॅ.ओम द्विवेदी 'ओम' (निराला साहित्यिक मंच,पड़रौना) आदि।

इस अवसर पर श्रोताओं में उपस्थित रहे श्री चंदन शर्मा जी व अन्य।

सभी के प्रति आभार व्यक्त किया कृति कल्चरल संस्थान, गोरखपुर की संचालिका डाॅ. उषा कुमार जी ने।

1 Comments

  1. सर्वत जमाल साहब,और मजाज गोरखपुरी साहब की उपस्थिति पुराने दिनों की याद ताजा कर गई!बहुत बहुत साधुवाद।

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