आमंत्रण पत्र का लोकार्पण करते हुए साहित्यकार जन गोष्ठी में शामिल वरिष्ठ साहित्यकार जन
भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 821 वी काव्य गोष्ठी हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत मनाई गई। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष श्री सौदागर सिंह जी ने की और दूसरे सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर महमूद भाई ने की। संचालन प्रथम सत्र में डॉ.सत्य नारायण 'पथिक' ने एवं दूसरे सत्र का संचालन संस्था सचिव भाई कुन्दन वर्मा 'पूरब' ने किया।
कार्यक्रम का श्री गणेश वरिष्ठ भोजपुरी गीतकार अरविंद "अकेला" द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से हुआ।
प्रथम सत्र में 4 अक्टूबर 2026 दिन रविवार को आयोजित होने वाले साहित्य महोत्सव 26 के कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन सम्मानित प्रतिनिधियों के नाम घोषित किये गये, जिनको 4 अक्टूबर 2026 को चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला पी.जी. कॉलेज,दीवान बाजार, गोरखपुर के सभागार में सम्मानित किया जाएगा।
द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।
वरिष्ठ शायर मजाज गोरखपुरी ने हिंदी पर एक ग़ज़ल पेश की इसके कुछ शेर इस प्रकार हैं -
देश का ऐतबार है हिन्दी,रंग व खुशबू का प्यार है हिन्दी। इससे मिलती है रोशनी सबको, जिंदगी का श्रृंगार है हिन्दी।
वरिष्ठ कवयित्री डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने प्यार को एक अलग ढंग में प्रस्तुत किया-
हमेशा मुनाफे की बात मत सोचो, कभी- कभार घाटे का सौदा भी अच्छा लगता है/ ऐसा होता है अक्सर कि/ प्यार व इकरार में/ कहने से ज्यादा/ सुनना अच्छा लगता है!!
वरिष्ठ कवि डॉ.सत्य नारायण 'पथिक' ने हिन्दी को जन-जन की भाषा बताते हुए गीत पढ़ा -
अनुपम अपना देश है प्यारा,मधुर मदिर सी बोली है।
भारत के कण-कण में बसी अपनी हिन्दी अलबेली है।।
संस्था संरक्षक श्री अरविंद शर्मा जी ने जमाने की बात इन पंक्तियों में की-
लोग भूल जाएंगे तुमने क्या कहा जमाने से।
कौन रहा था साथ तुम्हारे सुख- दुख के अफसाने में।।
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर महमूद भाई ने जिंदगी का सच अपने ग़ज़ल में पेश किया , कुछ शेर देखिए -
हर सांस आखिरी,मुलाकात आखरी है।
यह बिसाते जिंदगी की, शहमात आखरी है।।
नहलाओ और कफन दो, पहुंचाओ अब लहद तक।
"महमूद" आज तेरी बारात आखिरी है।।
अन्य जिन कवियों ने काव्य पाठ किया उनके नाम है सुश्री प्रगति गुप्ता, श्रीमती शशि पांडे 'बिट्टू' , श्रीमती अंजू विश्वकर्मा 'अवि' , श्रीमती बिंदू चौहान एवं सर्वश्री सौदागर सिंह, अरविंद 'अकेला' , डॉ. बहार गोरखपुरी,दानिका प्रसाद विश्वकर्मा, फुरकान फरहत, सुधाकर साहनी, वीरेंद्र मिश्र, कुन्दन वर्मा 'पूरब' , कौसर गोरखपुरी,राम समुझ सांवरा, डॉ. अजय अनजान, प्रमोद चोखानी, दीदार बस्तवी, अरुण ब्रह्मचारी बृजेश राय आदि।
इस अवसर पर श्रोताओं में उपस्थित रहे संस्था के उपप्रबंधक भाई संजय सिंह, संस्था के उपाध्यक्ष श्री श्री नारायण पांडेय, एम.जी. अकादमी के निदेशक श्री बी.एन. वर्मा जी एवं संस्था के प्रबंध निदेशक डॉ .ए. पी.गुप्ता जी, अजय श्रीवास्तव व सर्वांग हास्पिटल के स्टाफ आदि।
अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया संस्था संरक्षक श्री अरविंद शर्मा जी ने।
सत्य नारायण विश्कर्मा "पथिक"


मजाज साहब का क्या कहना उस्ताद शायर है।
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