श्री पुष्प दंत जैन जी पुस्तक का विमोचन करते हुए
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती की मूर्ति पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी द्वारा माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया जिसमें सहयोगी रहे - साहित्यकार प्रो.शिव शरण दास जी व पुष्पदंत जैन , अध्यक्ष विद्यालय प्रबंधन समिति ।
तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा संगीतबद्ध सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती चारू चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा - संस्था द्वारा साहित्य के क्षेत्र में जो भी कार्य किये जा रहे हैं वे अत्यंत सराहनीय है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री पुष्पदंत जैन जी ने कहा - इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से सामाजिक वातावरण सशक्त व मजबूत होता है।
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. शिव शरण दास जी ने कहा- साहित्यिक कार्यक्रम से सामाजिक समरसता का निरंतर विकास होता है।
तत्पश्चात कवि सम्मेलन के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरविंद शर्मा जी एवं अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती अनीता अग्रवाल जी ने किया एवं विशिष्ट अतिथि कवयित्री डॉ. सुमन सिंह, प्राचार्य, च.र.द.आ. महिला पी.जी. कॉलेज गोरखपुर रही।
प्रथम सत्र में काव्य पाठ करने वाले कवि रहे - सर्वश्री रत्नेश कुमार, डॉ. ब्रजेंद्र नारायण,आर.आर. सिन्हा, विनय मितवा ,डा.प्रकृति अग्रवाल आदि ने काव्य पाठ किया। उद्घाटन सत्र एवं कवि सम्मेलन के प्रथम सत्र का संचालन डॉ. सरिता सिंह जी ने बखूबी किया।
कवि सम्मेलन के द्वितीय सत्र- गीत के मुख्य अतिथि वरिष्ठ गीतकार सौदागर सिंह जी रहे व अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार वीरेंद्र मिश्र "बिरही" जी ने किया। वरिष्ठ कवि ओम प्रकाश द्विवेदी "ओम" विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस सत्र में जिन लोगों ने काव्य पाठ किया उनके नाम है - श्रीमती बिंदू चौहान, श्रीमती नीरज बसंती, सर्वश्री हरे कृष्ण, पांडेय , अरविंद "अकेला" , रामनरेश शर्मा शिक्षक,
अजय कुमार, डॉ. भारतेंदु सिंह, शुभ नारायण "शुभ" आदि।
इस सत्र का संचालन किया वरिष्ठ दोहा व छंदकार कवि श्री अवधेश शर्मा "नंद" जी ने।
कवि सम्मेलन के तृतीय सत्र में ग़ज़ल का स्वर पाठ किया शायरों ने। इस सत्र की अध्यक्षता गोपालगंज,बिहार से पधारे वरिष्ठ शायर डाॅ. जौहर शफियाबादी ने किया। मुख्य अतिथि हाटा कुशीनगर से पधारे डॉ.इम्तियाज समर एवं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ शायर महमूद भाई रहें।इस सत्र में जिन शायरों ने अपनी ग़ज़ल पढ़ी उनके नाम है - सर्वश्री नूरुद्दीन 'नूर' , असलम निजामी, मजाज़ गोरखपुरी,डॉ. बहार गोरखपुरी, वयोवृद्ध शायर आर.डी.यन. श्रीवास्तव,शैलेंद्र असीम आदि। इस सत्र का संचालन किया मशहूर शायर डॉ.अर्शी बस्तवी ने।
समापन सत्र एवं सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ .राम चेत चौधरी और अध्यक्षता की प्रोफेसर चित्तरंजन मिश्र जी ने। विशिष्ट अतिथि आचार्य राम दरस राय एवं प्रो. अनिल कुमार राय रहे।
इस वर्ष "भागीरथी सम्मान" से सम्मानित हुए प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. आद्या प्रसाद द्विवेदी जी।
भागीरथी भोजपुरी रत्न सम्मान से सम्मानित हुए डॉ.जौहर शफियाबादी, गोपालगंज, बिहार , देवेंद्र बंगाली सम्मान से सम्मानित हुए प्रसिद्ध साहित्यकार बृजभूषण राय "बृज", बड़हलगंज, आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान से सम्मानित हुए डॉ. देवेंद्र तिवारी,आचार्य,नई दिल्ली, कामता प्रसाद रसविंदु सम्मान से सम्मानित हुए डॉ. इम्तियाज "समर" हाटा, कुशीनगर।
गंगा प्रसाद भट्ट सम्मान से सम्मानित हुए वरिष्ठ कवि अवधेश शर्मा 'नंद' , श्री राम जियावन दास "बावला" स्मृति "बावला सम्मान" से सम्मानित हुए वरिष्ठ भोजपुरी कवि अरविंद "अकेला" , भरत मुनि नाट्य सम्मान से सम्मानित हुई वरिष्ठ रंगकर्मी एवं उद्घोषिका श्रीमती रीता श्रीवास्तव।
भागीरथी साहित्य रत्न पुरस्कार से मुकेश कुमार सिंह और अंजू विश्वकर्मा 'अवि'। भागीरथी साहित्य प्राग्ल्भय पुरस्कार से रत्नेश "सृजन" , सुधाकर साहनी, सुश्री प्रगति गुप्ता को सम्मानित किया गया।इन मनीषियों को मंचासीन अतिथियों ने सम्मानित किया। सभी कवियों एवं संस्था प्रतिनिधियों को पटका एवं स्मृति चिन्ह देकर के सम्मानित किया गया। सम्मान सत्यका संचालन किया संस्था प्रबंधक डॉ.सत्य नारायण 'पथिक' ने।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष प्रो. चित्तरंजन मिश्र ने कहा - कवि,
शायर, संगीतकार आदि मिल सकते हैं,पर आयोजक नहीं मिल सकते हैं। भागीरथी सांस्कृतिक मंच निरंतर निस्वार्थ भाव से लोगों को खोज करके सम्मानित करता आया है।इसके लिए मैं संस्था के पदाधिकारियों को साधुवाद देता हूं।
मुख्य अतिथि पद्म श्री राम चेत चौधरी जी ने संस्था के इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं तो किसी वैज्ञानिक हूं निरंतर शोध में निरत रहता हूं पर यहां आकर के इस कवि सम्मेलन में मैं रम गया।
विशिष्ट अतिथि आचार्य राम दरस राय जी ने कहा इस तरह के कार्यक्रम निरंतर चलते रहने चाहिए इससे लोगों में ऊर्जा का संचार होता है। प्रोफेसर अनिल कुमार राय जी ने संस्था के सभी पदाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा नि: स्वार्थ भाव से किया हुआ यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है।
इस अवसर पर संस्था संरक्षक श्री चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा 'अकिंचन', मुख्य संरक्षक श्री अरविंद शर्मा, अध्यक्ष श्री सौदागर सिंह, उपाध्यक्ष श्री श्रीनारायण पांडेय,उप प्रबंधक श्री संजय सिंह, महासचिव बृजेश राय, सचिव कुन्दन वर्मा 'पूरब', कोषाध्यक्ष श्री दानिका प्रसाद विश्वकर्मा , फिल्म निर्देशक देशबंधु , विद्यालय प्राचार्य डॉ सुमन सिंह, उपप्राचार्य स्वप्निल पांडेय, आचार्य रेखा रानी शर्मा, विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्य एवं छात्राएं तथा जिले भर से आए कविगण उपस्थित रहे।
अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया मुख्य संरक्षक श्री अरविंद शर्मा जी ने।
अंत में कार्यक्रम में शामिल सभी वरिष्ठ साहित्यकार बंधुओं ने संस्था प्रबंधक ,सत्यनारायण विश्वकर्मा पथिक जो सभी को निस्वार्थभाव से सम्मानित करते रहते है को उनके सम्मान में माल्यार्पण कर अपने प्रतीक चिन्हों को उन्हें दे कर अपना अपना भाव प्रकट किया। इसप्रकार संस्था का भावपूर्ण समापन हुआ।

