२) यह गांव नेपाल बार्डर पर होने के कारण यहाँ दुकानदारों को रासायनिक खाद के लायसेंस नहीं दिए गए हैं, इसलिए रासायनिक खाद काफी दूर से लाना पड़ता है, इस समस्या से मुक्ति पाने की तकनीक रवि सर ने किसान भाई को बताई.
३) किसान भाई ने प्रति एकड़ १ किलो मल्टीप्लायर फसल लगाते समय पानी के साथ दिया.
४) ३० दिन के बाद फिर से १ किलो मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया.
५) प्रत्येक १० दिन के अंतर पर १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर नियमित छिड़काव किया जा रहा है.
६) उपरोक्त तीनों फसलें जोरदार हैं, रासायनिक खाद नहीं डाला इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता, रासायनिक खाद के मुकाबले उत्पादन ज्यादा मिलने की स्तिथि है, खर्च कम से कम हुआ है.
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कृषि


