कार्यक्रम में पधारे साहित्यकार जन
भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 801वी काव्य गोष्ठी बेतियाहाता स्थित सर्वांग हास्पिटल के सभागार में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दो अध्यक्षों वरिष्ठ गीतकार सौदागर सिंह जी एवं वरिष्ठ गीतकार जय प्रकाश मल्ल जी द्वारा किया गया एवं मुख्य अतिथि के रूप में संरक्षक श्री अरविन्द शर्मा जी रहे। मां सरस्वती की मूर्ति को धूप दिखाकर अर्ध्य दिया गया एवं वंदना संस्था महासचिव बृजेश राय ने प्रस्तुत की।
इस अवसर पर 2नवम्बर25 को आयोजित होने वाले साहित्य महोत्सव 25 के आमंत्रण पत्र का लोकार्पण किया गया एवं सम्मानित होने वाले महानुभावों के नाम की घोषणा संस्था प्रबंधक डा.सत्य नारायण 'पथिक' ने की।
तत्पश्चात भीटी खोरियां से पधारे वरिष्ठ कवि सत्य नारायण पाण्डेय "नारायण" ने मनोभावों की बात इन पंक्तियों में उकेरी -
उत्थान कभी है पतन कभी, यह उठना गिरना कभी-कभी ।
मन में भाव बहुत उठते हैं, कवि कहता है कभी-कभी।।
वरिष्ठ भोजपुरी गीतकार राम समुझ 'सांवरा' ने छठ व्रत की महिमा से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किया -
छठ माई तुहरी दया से,दिन बहुरल हमार -
तुहरी कृपा से ए मइयां चले रोजी रोजगार।
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ गीतकार सौदागर सिंह जी ने जीवन की नश्वरता पर गीत प्रस्तुत किया -
"जवन मिलल बा सुन्नर ई देहिया, काल्हि रही की ना रही के जानो।
ई चार दिन क चाँदनी ह, चान उग्गी की ना उग्गी के जानो।। "
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ गीतकार जय प्रकाश मल्ल जी ने जीवन को कविता के माध्यम से परिभाषित किया -
इन कविताओं में जीवन है या जीवन की कविताई है ।
विप्लव का यह शंखनाद या खुशियों की शहनाई है।।
अन्य जिन कवियों ने काव्य पाठ किया उनके नाम है- डा.प्रतिभा गुप्ता एवं सर्वश्री संतोष कुमार पांडेय 'संतोष' , बृजेश राय, कुन्दन वर्मा 'पूरब', राघवेंद्र मिश्र, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, सुधाकर साहनी, मृत्युंजय नवल, डा .सत्य नारायण 'पथिक' दानिका प्रसाद विश्वकर्मा, मिन्नत गोरखपुरी ,गौतम गोरखपुरी, अजय कुमार यादव, अरुण ब्रह्मचारी आदि।
श्रोताओं में संजय प्रकाश सिंह बी.एन. वर्मा, कृपा शंकर शुक्ला, डा.राशिद, अजय श्रीवास्तव एवं हास्पिटल के अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
प्रलेस के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र प्रसाद जी के निधन से पूरा साहित्य समाज आहत है ! इस अवसर पर मंच की ओर से उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रख करके उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया संस्था के प्रबंध निदेशक डा. ए.पी.गुप्ता जी ने।
