*पूर्ण गुरु की शरण में तत्क्षण दिखते हैं भगवान*

          ब्रह्मज्ञान प्रदाता सर्व श्री आशुतोष महाराज जी

  दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में 9 दिसंबर से 13 दिसंबर तक, सायं 4:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक, दिव्य ज्योति पार्क, तारामंडल रोड, सिद्धार्थ एंक्लेव, जिला - गोरखपुर में श्री हरि कथा  कथा का आयोजन किया जा रहा है।

 कथा के दूसरे दिवस में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री सुषमा भारती जी ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा  दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक व संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज जी हैं। सांस्कृतिक पुरुष श्री आशुतोष महाराज जी ने विश्व में बंधुत्व और शांति की स्थापना हेतु इस संस्थान का निर्माण किया है। 

सर्व श्री आशुतोष महाराज की शिष्या द्वारा बड़ी ही कुशल शैली में अध्यात्म विज्ञान तथा आधुनिक विज्ञान का संधिकरण करते हुए भागवत महापुराण में छिपे गूढ़ रहस्यों को प्रकट किया जा रहा है| श्री आशुतोष महाराज जी एक महान ऋषि,एक दिव्य गुरु हैं जिन्होंने करोड़ों जिज्ञासुओं को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर परमात्मा का दर्शन करवाया है| श्रद्धालुओं को भटकने से बचाया है और उन्हें जीवन के श्रेष्ठ लक्ष्य की ओर उन्मुख किया है|साध्वी जी ने बताया कि ईश्वर दर्शन के लिए पावन मन नहीं बल्कि एक पूर्ण सतगुरु की जरुरत है जो दीक्षा के समय ही प्रभु-दर्शन करवा दें| अंगुलिमाल ,गणिका वेश्या,सज्जन ठग सदृश अनेकों उदाहरण इतिहास हमारे समक्ष रखता है| इतिहास की इन्हीं बातों को सर्व श्री आशुतोष महाराज जी ने वर्तमान में जीवंत कर दिखाया है| भारत की जेलों में कार्यरत अंतरक्रांति प्रकल्प इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है| In the words of His Holiness Ashutosh Maharaj ji “Ample of scope exists to transform peace-breakers into peace-makers. Awakening of vital vigilance through Brahm Gyan is all what is needed.” वे कैदी जिनके मुख अपशब्दों के अंगारे उगलते थे, आज शांत भाव से प्रभु को भज रहे हैं| अब उनके हाथ जुर्म की कालिख से नहीं सने बल्कि स्व-रोज़गार एवं स्वावलंबन की महक से सुगन्धित हैं| मेहंदी, समिधा, धूप, herbal colours इत्यादि बनाकर आज ये सम्मान से अपना भरण-पोषण कर रहे हैं| 

साध्वी जी ने शास्त्रों व विज्ञान के आधार पर समाज को गौ माता के पुण्य अनुदानों से भी भिज्ञ करवाया| साथ ही सभी को हमारी अमूल्य संपदा देसी गौओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रेरित भी किया| इस दिशा में सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के तत्वाधान में कामधेनु प्रकल्प द्वारा देसी गौ संरक्षण-संवर्धन के सराहनीय कार्यों से भी श्रद्धालु परिचित हुए| कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्र  उच्चारण व भजन संकीर्तन के माध्यम से किया गया, एवं कार्यक्रम का समापन मंगल आरती से किया गया।

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