तीन वर्षों में स्वास्थ्य प्राप्त कर सात बार रक्तदान कर मिसाल बनीं – लूसी मौर्या।

 

               रक्तदान करती साधिका लूसी मौर्या जी

       शिष्य का उत्थान गुरु शरण में ही सफल होता - 

                             योगी धर्मेश्वर।

गोरखपुर। ओम फिटनेस योग संस्थान की साधिका लूसी मौर्या ने स्वास्थ्य, सेवा और समर्पण का ऐसा अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है जो समाज के लिए प्रेरणा बन चुका है। तीन वर्ष पूर्व एड़ियों के दर्द, सीने में जकड़न और बढ़ते मोटापे से परेशान होकर उन्होंने नौका विहार स्थित ओम फिटनेस योग संस्थान द्वारा संचालित निःशुल्क योग क्लास को ज्वाइन किया। नियमित अभ्यास, गुरुजनों के मार्गदर्शन, ब्रह्ममुहूर्त की साधना, अनुशासन, आचरण-संस्कार और ध्यान के अभ्यास ने उनके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाए।

स्वास्थ्य लाभ के साथ ही लूसी मौर्या में सेवा का भाव बढ़ा और वे संस्थान की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ती चली गईं—कभी जनजागरूकता हेतु पर्चे वितरित किए, कभी महिलाओं को समूह में जोड़कर योग कराया। इनके सतत सेवा भाव और सक्रियता को देखते हुए संस्थान द्वारा इन्हें प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने पूर्ण निष्ठा के साथ निभाया। लूसी मौर्या ने सेवा की इस यात्रा में समाज के लिए रक्तदान जैसे महादान को भी अपनाया। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने सात बार रक्तदान किया। चौथी बार रक्तदान के बाद घर लौटते समय वे असहज होकर वाहन से गिर पड़ीं, लेकिन कुछ राहगीरों की सहायता से घर पहुंचीं और फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज सातवीं बार रक्तदान करके वे अपनी खुशी पूरे समाज के साथ साझा कर रही हैं। लूसी मौर्या कहती हैं, “इन तीन वर्षों में चाहे कोई भी चुनौती आई हो, मैं अपने गुरु के साथ दृढ़ता से खड़ी रही। गुरुजी मेरे लिए देवदूत जैसे हैं, जिनकी ऊर्जा और आशीर्वाद से ही मैं आज यह सब कर पा रही हूं। मैं आगे भी जनसेवा और योग साधना से कभी पीछे नहीं हटूंगी।”

ओम फिटनेस योग संस्थान उनके इस अद्भुत योगदान, निष्ठा, साहस और प्रेरणादायक सेवा भावना के लिए हृदय से आभार एवं बधाई देता है। लूसी मौर्या जैसे सेवाभावी योग साधकों से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव मजबूत होती है।


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